वैकल्पिक राजनीति का अर्थ मात्र एक नया विकल्प राजनीति के क्षेत्र में नहीं है | बल्कि दशकों पहले राजनीति में जो गिरावट आयी उसमे गुणात्मक सुधार करते हुवे राजनीति को मूल्यों और मुद्दों की पटरी पर पुनः स्थापित करना ही वैकल्पिक राजनीति का उद्देश्य है | इस नयी राजनीति में व्यक्ति की प्रमुखता के स्थान पर व्यक्तित्व की प्रमुखता और राजनीति को व्यवसाय ना मानकर सेवा कार्य के रूप में स्वीकार्यता ही लक्ष्य होगा | वैकल्पिक राजनीति का लक्ष्य देश के प्रत्येक व्यक्ति को ईमान की रोटी और इज्जत की ज़िंदगी सुलभ कराना है | जहाँ पुरुषार्थ और परिश्रम से कमाई ही ईमान की रोटी होगी |
वर्तमान भारत सर्वाधिक युवा देश है | इसकी आधी आबादी 45 वर्ष से कम की है | यदि प्रत्येक हाँथ को कौशल और हुनर से सुसज्जित कर दिया जाये तो वह न केवल अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करने में सक्षम होगा बल्कि इस देश का गौरवशाली भविष्य भी निर्माण करने में सक्षम होगा और प्रसन्नता का अनुभव करेगा | देश की जरूरत के अनुरूप कौशल खोज कर उसके प्रशिक्षण का दायित्व सरकार का होगा | देश के प्रत्येक नागरिक को प्रति दिन कम से कम आधा किलो अनाज, आधी किलो सब्जी, आधा किलो फल और आधा किलो दूध मिल सके, ऐसी व्यवस्था खड़ी करना ही सरकार की जिम्मेदारी है | खेती, कुटीर और लघु उद्योग बड़ी संख्या में श्रम शक्ति नियोजित करते हैं अतः अर्थव्यवस्था की दिशा इस ओर मोड़नी पड़ेगी | स्वावलम्बी ग्राम और हुनरमंद नागरिक हमारी व्यवस्था की रीढ़ होंगे | भारत के गांव इस देश की रीढ़ हैं | गांव मजबूत होंगे तो देश भी समृद्ध होगा | अतः ये धारणा पुष्ट करनी होगी कि मेरा गांव ही मेरा देश है और मेरा जिला मेरी दुनिया | इज्जत कि ज़िंदगी तभी सुलभ है जब प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा, चिकित्सा, आवास और सुरक्षा सहज उपलब्ध हो | अशिक्षित, रोगी और निराश्रित को समाज में स्थान प्राप्त नहीं होता | अतः इस बात कि ज़िम्मेदारी सरकार कि होनी चाहिए | प्राथमिक शिक्षा प्रत्येक बच्चे को उसकी मातृ भाषा में प्राप्त हो | आगे कि शिक्षा आवश्यकतानुसार उसकी भाषा में दी जाये |
हमारे और दुनिया के अनुभव ने बताया है की ऐलोपैथी चिकित्सा बहुत मंहगी पद्धति है | और निदान के हिसाब से भी पूर्ण नहीं है | अतः भारत जैसे विशाल देश में ऐलोपैथी के साथ साथ आयुर्वेदिक, यूनानी, होमियोपैथी आदि पद्धतियों में शोध और प्रयोग को प्रोत्साहित कर भरोसेमंद चिकित्सा व्यवस्था तैयार करना ही उद्देश्य होगा |
वैकल्पिक राजनीति के लक्ष्य प्राप्ति के लिए उसके अनुरूप एजेंडा बनाना प्राथमिकता है | अतः जिन बातों को हम वैकल्पिक राजनीति के माध्यम से हांसिल करना चाहते हैं वो इस प्रकार होंगी |
1 ) भारत में विकास का स्वरुप मानव केंद्रित न होकर प्रकृति केंद्रित हो |
2) भारत अपनी विशेषता के साथ विश्व के समक्ष बना रहे इस हेतु भारतीय संस्कृति के अनुरूप कार्यशैली का विकास |
3) समृद्धि और संस्कृति में संतुलन बना रहे |
4) शोषण मुक्त, विषमता रहित, न्याय और एकता के आधार पर राज्य की स्थापना |
5 ) भ्रष्टाचार का कारण वर्त्तमान व्यवस्थानुगत दोष है जिसे दूर करना |
6 ) दोषपूर्ण चुनाव/निर्वाचन प्रणाली में सुधार |
कुछ विचार बिंदु :-
* व्यवस्था परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध देश का एक मात्र राजनैतिक दल | देश कि राजनीति को मूल्यों और मुद्दों कि पटरी पर लाना |
* वी.आई.पी. पद्धति को समाप्त करना | नेता-नागरिक, मंत्री के भेद को समाप्त करना |
* इस राजनैतिक दल में कार्य करने वालों की एक विशिष्ट आचरण संहिता पर कार्य करना आवश्यक होगा |
* राजनीति सेवा का क्षेत्र है व्यवसाय का नहीं ये बात स्थापित करना |
* पदों से हटने के बाद सरकारी सुविधाओं का उपभोग न करना |
* आर्थिक गैर बराबरी अर्थात अमीरी गरीबी के अंतर को कम करना |
* सरकारी कर्मचारी के वेतन में सबसे कम और सबसे अधिक का अनुपात 1 :80 से अधिक न होने देना |
* भारत को भारत बनाने के दृष्टी से समझ तैयार हो, किसी अन्य देश की नक़ल नहीं |
* प्रसन्नता सूचकांक को विकास का सूचक बनाना | जीडीपी और ग्रोथ रेट को नहीं |
* भारत को नशामुक्त करने का प्रयत्न करना |
वैकल्पिक राजनीति के इन लक्ष्यों को पूर्ण करने में "स्वाभिमान पार्टी" का प्रत्येक कार्यकर्ता तन मन धन से समर्पित रहेगा |
ऐसा विश्वास है | कई बातें सामूहिक विचार विमर्श के जरिये ही नीतिगत स्तर तक पहुँचती हैं अतः आप सभी का सहयोग सदैव अपेक्षित रहेगा |


















